By : Abhishek mishra   |   17-09-2018    |    Views : 000297



भगवान विश्वकर्मा -व्यापार में तरक्की के लिए शुभ मुहूर्त में करें विश्वकर्मा पूजन, यहां जानें पूजा विधि


आज के समय में हर छोटे से लेकर बड़े-बड़े भवन, बिल्डिंग तक का निर्माण इंजीनियर करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सतयुग में स्वर्गलोक, त्रेतायुग में लंका, द्वापर में द्वारका और कलयुग में जगन्नाथ मंदिर का निर्माण किसने किया ? या फिर देवताओं के भवन, महल और उनके अस्त्र-शस्त्र किसने बनाए. मान्यता है कि समस्त देवी-देवताओं और भगवानों के महलों और अस्त्र-शस्त्र का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने किया था और यही कारण है कि भगवान विश्वकर्मा को शिल्पी भी कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा पूरे ब्रह्माण के पहले इंजीनियर थे. धार्मिक मान्यताओं के अुनसार 17 सितंबर उनके जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है.भगवान विश्वकर्मा के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आज लोग अपने-अपने कार्यालय, फैक्ट्रियां और मशीनों की पूजा करते हैं. इसके साथ ही अस्त्र-शस्त्र और रोजगार या आपके पेशेवर जीवन में काम आने वाली मशीनों की भी पूजा कर सकते हैं. बता दें ऋग्वेद में भी भगवान विश्वकर्मा का उल्लेख मिलता है. ऋग्वेद में भगवान विश्वकर्मा का उल्लेक 11 ऋचाएं लिखकर किया गया है. ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं भगवान विश्वकर्मा के पूजन के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व के बारे में.