By : Abhishek Mishra   |   23-09-2018    |    Views : 0005461



ठग्स ऑफ हिंदोस्तान: वे मुस्ल‍िम जो काली की पूजा कर देते थे बलि


भारत के ठगों को उनके खूंखार और रक्तरंजित इतिहास के लिए जाना जाता है. हालांकि ठगों से जुड़ी कई बातें हैं जो आज भी लोगों को नहीं मालूम हैं. ठगों का इतिहास सैंकड़ों वर्षों का है. माना जाता है कि ठगों का उन्मूलन करने वाले कर्नल स्लीमन ने सन 1820 तक ठगों का लगभग नामोनिशान मिटा दिया था. हालांकि कई इतिहासकार इससे सहमति नहीं जताते हैं और मानते हैं कि अंग्रेजों ने बस ठगी को अंडरग्राउंड करने में ही सफलता पाई. आपको बता दें कि ठगों द्वारा सैंकड़ों साल तक परंपरा जीवित रखने के पीछे एक वजह यह भी है कि ठगों ने जो गिरोह बनाया वह सामाजिक नियमों, धर्मों की परवाह नहीं करता था. यही वजह है कि ठगी गिरोह में हिंदू भी होते थे, मुस्ल‍िम भी और कई बार सिख भी. बेहराम, अामिर अली जैसे कई ठगों ने समय समय पर अपने गिरोहों को लीड किया. खास बता यह थी कि इन ठगों के अपने नियम कानून होते थे. ठग मानते थे कि उन्हें माता काली द्वारा धरती में लोगों का संहार  करने भेजा गया है.हिंदू हो या मुस्ल‍िम ठगी गिरोह के सदस्य मां काली की पूजा करते थे.कोई भी मिशन शुरू होने या उसके फेल या पास होने दोनों पर गिरोह के सदस्य मां काली की पूजा करते थे और उन्हें बलि चढ़ाते थे