By : Abhishek mishra   |   19-09-2018    |    Views : 000292



सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को इन अहम मामलों पर होगी सुनवाई..


 

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को कई अहम मामलों पर सुनवाई होगी.जिनमें भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े पांच एक्टिविस्टों की गिरफ्तारी,असम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC),मध्यप्रदेश-राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव में पारदर्शिता,यूनिटेक के अधूरे प्रजोक्ट,तरूण तेजपाल यौन शोषण और बिहार के 3.7 लाख नियोजित शिक्षकों के समान वेतन मामला शामिल है. 
भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े पांच एक्टिविस्टों की गिरफ्तारी मामले में सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा.चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ पांच एक्टिविस्टों के खिलाफ पुणे पुलिस की ओर से जुटाए गए सबूतों को परखेगी.पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि पुणे पुलिस की ओर से जुटाए गए सबूत प्रयाप्त नहीं होने की स्थिति में मामले की जांच SIT को सौंपी जा सकती है.कोर्ट ने राज्य सरकार के वकील को 45 मिनट और बचाव पक्ष के वकील को 15 मिनट में दलीलें पूरी करने को कहा था.दरअसल, महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश ASG तुषार मेहता ने फिर याचिका का विरोध किया था.उन्होंने कहा था कि ये याचिका ऐसे लोगों ने डाली है, जिनका केस से कोई सरोकार नहीं और न ही उन्हें केस के बारे में पता है,इस पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए. 

 
असम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) मामले में सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा.जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ बुधवार को दोपहर दो बजे सुनवाई करेगी.पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कॉर्डिनेटर प्रतीक हजेला द्वारा सीलबंद कवर दाखिल सुझाव और रिपोर्ट केंद्र सरकार को देने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि भले ही केंद्र सरकार इस मामले में रुचि रखती हो, लेकिन कोर्ट को चीजों को बैलेंस करना है. कोर्ट था कि सरकार ने जो 15 अतिरिक्त दस्तावेज की सूची दी है, उसमें से दस की दस्तावेजों को वेरीफिकेशन की इजाजत दी जा सकती है.  


सुप्रीम कोर्ट तरूण तेजपाल की याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेगा. तेजपाल ने रेप के मुकदमे को रद्द कर आरोपमुक्त करने की याचिका दाखिल की है. पिछली सुनवाई में तेजपाल की ओर से पेश कपिल सिब्बल ने कोर्ट में कहा कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है जिसमें कहा गया है कि सूचना देने वाला और जांच करने वाला व्यक्ति एक ही नहीं हो सकता.      बिहार के 3.7 लाख नियोजित शिक्षकों के समान वेतन मामले में सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी.जस्टिस ए एम सप्रे और जस्टिस यू यू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी.दरअसल, पिछली सुनवाई में करीब 93 हजार TET पास नियोजित शिक्षकों की ओर से वरिष्ठवकील विभा दत्त मखीजा ने पक्ष रखा था.मखीजा ने कहा था कि क्वालटी एजुकेशन तभी दिया जा सकता है जब हमारे पास क्वालटी टीचर हों, क्योंकि NCTE के हिसाब से आज की तारीख में न्यूनतम शिक्षक योग्यता के साथ-साथ TET पास होना अनिवार्य है और यह बहुत ही कठीन परीक्षा है.