By : Abhishek Mishra   |   16-12-2018    |    Views : 0005111



16 दिसंबर : तारीख पर लगा कलंक, निर्भया केस के बाद कानून बदला हालात नहीं


दिल्‍ली की सर्द रात की कहानियां तो बहुत हैं लेकिन 6 साल पहले हुए एक वारदात आज भी दिल को दहला देने के लिए काफी है. 16 दिसंबर अब सिर्फ तारीख नहीं रही दर्द बन चुकी है, हर उस मां-बाप के लिए जिनके घर बेटी है. इसी दिन दिल्‍ली की एक घटना ने देशभर के लोगों के रौंगटे खड़े कर दिए थे. बलात्‍कार हुआ था, दरिंदगी की सारी हदें पार की गईं, इंसानियत पर दाग लगा और लोगों का गुस्‍सा ऐसा फूटा की देश के कोने-कोने से लोग इंडिया गेट पर जमा हुए. जनाक्रोश के इस रौद्र रूप को देखकर सरकार भी हिल गई. तमाम कोशि‍शों के बाद भी दामिनी को नहीं बचाया जा सका लेकिन 'निर्भया केस' के बाद कानून में काफी बदलाव किया गया. कानून तो बदल गया लेकिन क्‍या देश में महिलाओं के हालत में कोई तब्‍दीली हुई?