By : Abhishek mishra   |   11-06-2018    |    Views : 000215



अब सधे कदमों से अपना कद बढ़ाने में लगी हैं मायावती


यूपी की राजनीति में एसपी-बीएसपी के एक साथ आने के बाद से अखिलेश यादव को उपचुनाव में जीत का फौरी फायदा तो मिला है लेकिन भविष्य की राजनीति देख रहीं मायावती लगातार अपना कद बढ़ाती जा रही हैं। चुनावी बिसात हो या बंगला खाली करने जैसा मामला, वह बहुत सूझबूझ से आगे बढ़ रही हैं। अखिलेश यादव बंगला खाली करने को लेकर सवालों में घिरे हैं। वहीं, मायावती ऐसे विवादों से भी बचते हुए बढ़ रही हैं। फूलपुर और गोरखपुर उपचुनाव में एसपी प्रत्याशी का समर्थन कर उसे बीएसपी ने जिताया। इससे यह संदेश दिया कि वह अपने एक इशारे पर अपना वोट बैंक ट्रांसफर करवा सकती हैं। यह भी एहसास करवाया कि एसपी और आरएलडी सहित अन्य दलों को भविष्य में बीएसपी का साथ जरूरी है। कैराना और नूरपुर में साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान नहीं किया, लेकिन प्रत्याशी न उतारकर 'साइलेंट' तरीके से एसपी और आरएलडी को जितवाया। उधर, कर्नाटक में जेडीएस के साथ चुनाव लड़कर अपने प्रदेश अध्यक्ष एन. महेश को विधायक बनवाया। संयुक्त सरकार में वह अब मंत्री भी हैं। इसी तरह हरियाणा में इंडियन नैशनल लोकदल से गठबंधन करके वहां अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रहीं। जहां बीजेपी के मुकाबले कोई अन्य बड़ा दल नहीं है, वहां कांग्रेस से गठबंधन की तैयारी है। कुल मिलाकर गैर बीजेपी गठबंधन में वह अहम भूमिका निभाकर राष्ट्रीय राजनीति में जड़ें जमाने की कोशिश में हैं।