By : Abhishek Mishra   |   27-09-2018    |    Views : 0005237



कंपनियों और बैंकों से आधार डेटा डिलीट करने को कह सकते हैं आप


सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आधार को लेकर तमाम अनिश्चितताएं दूर हो गई हैं। ऐसे में अब आप टेलिकॉम कंपनियों, बैंकों, म्यूचुअल फंडों और इंश्योरेंस कंपनियों के रेकॉर्ड में दर्ज अपनी सूचनाओं को डिलीट करने को कह सकते हैं। पहले कानूनी स्पष्टता न होने के कारण इन संस्थानों ने बायॉमीट्रिक और दूसरी डीटेल्स मांगी थी। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि प्राइवेट कंपनियों के साथ आधार लिंकेज अनिवार्य नहीं है। ऐसे में अब ग्राहकों को यह अधिकार मिल गया है कि वे अपनी डीटेल्स को हटाने या डिलीट करने की मांग कर सकते हैं। हालांकि अगर कोई ऐसी मांग करता है तो उसे पहचान पत्र के तौर पर पासपोर्ट, वोटर आईडी और बैंक स्टेटमेंट देने की जरूरत पड़ सकती है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि SC के फैसले के बाद अब कोई भी अपने आधार डीटेल्स को डिलीट करवा सकता है। 
उन्होंने यह भी कहा कि इस बात को स्पष्ट करने की जरूरत है और तमाम लिंकेज से डील करनेवाले संबंधित मंत्रालयों द्वारा इस बारे में जानकारी देने की भी जरूरत होगी। अधिकारी ने बताया, 'जैसे वोडाफोन-आइडिया, एयरटेल और रिलायंस जियो जैसी टेलिकॉम कंपनियों के साथ आपका जो डेटा स्टोर है, उसे डिलीट करने को लेकर टेलिकॉम मिनिस्ट्री द्वारा निर्देश जारी होने चाहिए। इसी प्रकार से RBI या वित्त मंत्रालय बैंकों या वित्तीय संस्थानों में दर्ज आधार डीटेल्स के बारे में निर्देश देगा।'