By : Abhishek mishra   |   23-07-2018    |    Views : 000219



जयंती विशेष : ऐसे क्रांतिकारी बने थे चंद्रशेखर आजाद


'दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं आजाद ही रहेंगे'। ये चंद लाइनें युवा क्रांतिकारी ने लिखी ही नहीं बल्कि इन्हें जीवन में उतार लिया था। आजादी का ऐसा जूनून था कि अपना नाम तक 'आजाद' रख लिया। ऐसे युवा क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का जन्म मध्य प्रदेश के भाबरा गांव में 23 जुलाई, 1906 को हुआ था। उनके पिता सीताराम तिवारी और माता जगरानी देवी थी। चंद्रशेखर के दिल में बचपन से ही आजादी की आग जल रही थी। दिसंबर, 1921 में जब बापू ने असहयोग आंदोलन शुरू किया तो उस समय चंद्रशेखर मात्र 15 वर्ष के थे, इस छोटी सी उम्र में ही वह आंदोलन से जुड़ गए। आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जब उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया तो उन्होंने अपना नाम 'आजाद', पिता का नाम 'स्वतंत्रता' और अपना घर 'जेल' बताया था। बस यहीं से उनका नाम चंद्रशेखर आजाद बुलाया जाने लगा।